शख्स ने किया गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन का आविष्कार, 9 हज़ार मशीन बेचकर बन चुके हैं करोड़पति

आज के समय में ऐसे कई लोग हैं जो विदेश न जाकर भारत का नाम रोशन करने का प्रयास कर रहे हैं। आज कई युवा विदेश की बढ़िया नौकरी को छोड़कर भारत में अपनी पहचान बना रहे हैं। आज कहानी ऐसे ही एक युवा की जिसने कनाडा न जाकर भारत में भी कुछ नया करने का फैसला किया और आज ये युवा एक इनोवेटर के तौर पर अपनी पहचान बना चुका है।


इस युवा का नाम कार्तिक पाल है। कार्तिक आज अनेकों लोगों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। कार्तिक अब तक कई आविष्कार भी कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने गोबर से लकड़ी बनाने वाली मशीन का आविष्कार किया है। जो वाकई अब हर किसी को पसंद आ रही है। वहीं अब कार्तिक अन्य कई आविष्कारों पर भी काम कर रहे हैं। आइए जानते हैं इस खबर को विस्तार से।

विदेश जाने की बजाए लिया पिता का हाथ बटाने का फैसला

आज के समय में ऐसे कई किसान हैं जो मेवशी पालन भी करते हैं। मवेशी पालन में गोबर एक सबसे बड़ी समस्या रहता है हालांकि तो गोबर कई मायनों में उपयोगी भी होता है। लेकिन इसका ठीक से प्रबंधन करना हर कीस के बस की बात नहीं है। यदि गोबर का सही प्रबंधन किया जाए तो वाकई ये काफी उपयोगी होता है।

आज हम आपको एक ऐसे ही युवा के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने आज गोबर किया सही मायने में उपयोग किया और कई आविष्कार कर गोबर को और भी ज्यादा उपयोगी बना दिया। पंजाब के रहने वाले कार्तिक पाल आज गोबर से जुड़े कई आविष्कार कर चुके हैं। सबसे पहले कार्तिक ने गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन को बनाया इसके बाद उन्होंने गोबर को सुखाने की मशीन को बनाया इसके अलावा भी वे कई आविष्कारों पर काम कर रहे हैं।

कार्तिक ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हुई है। पढ़ाई पूरी करने के बाद कार्तिक कनाडा जाना चाहते थे लेकिन कार्तिक के पिता चाहते थे कि उनका बेटा भारत में रहकर भी कुछ अच्छा करें तभी कार्तिक ने भी अपने पिता का उनके कामों में हाथ बटाने का फैसला किया। आज पटियाला में कार्तिक “गुरुदेव शक्ति” के नाम से अपनी एक कंपनी भी चलाते हैं। जहां वे चारा काटने के लिए कटर और खेतो में इस्तेमाल होने वाले जेनरेटर का निर्माण करते हैं।

ऐसे आया गोबर से लकड़ी बनाने का विचार

दरअसल अपनी मशीनों के बारे में बताने और उनकी मार्केटिंग करने के लिए कार्तिक का किसानों और गौशाला में आना जाना लगा रहता था। इसी बीच एक बार कार्तिक ने देखा कि एक जगह गोबर का ढेर लगा हुआ है। वहीं गौशाला के मालिक भी गोबर के ढेर से काफी परेशान हैं। वहीं जब कार्तिक गौशाला से निकले तो उन्हें ऐसा कुछ दिखाई दिया जिससे उनके दिमाग में आविष्कार करने का विचार आया।

कार्तिक ने आटे की सेवइयां बनाने वाले देखा। इस मशीन को देखकर ही कार्तिक के मन में गोबर से लकड़ी बनाने की मशीन बनाने का विचार आया था। इसके बाद अपनी ही कंपनी में कार्तिक ने इस मशीन को बड़े स्तर पर तैयार किया। कार्तिक के मुताबिक ये मशीन किसी आटा चक्की की तरह ही काम करती हैं। इस मशीन में कम नमी और दो से चार दिन पुराना गोबर इस्तेमाल में लाया जाता है। इस मशीन में ऐसा भी उपकरण है जो गोबर को किसी भी आकर में बदलने में सक्षम है। इसके बाद गोबर को सुखाकर इसे कई कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है।

आज मशीन से तैयार की गई लकड़ियों को कई कार्यों jऐसे हवन और पूजा में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं इस काम से अच्छी ख़ासी कमाई भी हो रही है। कार्तिक ने इस मशीन को 2017 में बनाकर तैयार किया था और अब वे 9 हज़ार से भी ज्यादा मशीन बनाकर बेच चुके हैं।

अब गोबर भी बन रहा है कमाई का जरिया

मीडिया से बातचीत के दौरान कार्तिक ने बताया कि आज इस गोबर के काम से ही उन्हें अच्छी ख़ासी कमाई हो रही है। कार्तिक गौशाला से 1 रूपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर खरीदते हैं जिसमें 1.5 रूपये बिजली का खर्च मिलकर गोबर से लकड़ी को तैयार किया जाता है। इसके बाद ये लकड़ी 5 रूपये किलो के हिसाब से आसानी से बिक भी जाती है।

इन लकड़ियों को सिर्फ गोबर से भी बनाया जा सकता है वहीं यदि कोई चाहे तो इसमें कोयले का चूर और लकड़ी का भूसा भी मिला सकता है। आज अपनी इस मशीन को कार्तिक 65 हज़ार रूपये में बेच रहे हैं। जिससे अब तक उनका टर्नओवर करोड़ों में पहुँच चुका है। इसके अलावा कार्तिक ने गोबर को सुखाने की मशीन भी बनाई है। अब तक कार्तिक 500 गोबर सुखाने की मशीन भी बेच चुके हैं।

कार्तिक ने बताया कि डेयरी फार्म वाले एक बड़े से गड्डे में सारा गोबर इकट्ठा करते हैं उसके बाद इसमें पानी और गोमूत्र भी मिला दिया जाता है जिसके बाद गोबर भी तरल में बदल जाता है। इसके बाद पंप से इस तरल को मशीन में डाला जाता है और मशीन भी इसे गोबर के पाउडर में बदल देती है। कार्तिक की बनाई ये मशीन भी एक ऑटोमेटिक मशीन है जिसकी कीमत उन्होंने दो लाख 40 हज़ार रूपये तय की है। वहीं छोटे किसान इस मशीन का छोटा रूप 1 लाख 40 हज़ार रूपये में ले सकते हैं।

अन्य आविष्कारों पर5 भी कर रहे हैं काम

कार्तिक के मुताबिक गोबर के पाउडर से कई तरह की चीज़ें बनाई जा सकती हैं वहीं जो इसका पानी होता है उसे खेतों में कीटनाशक की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे खेतों को भी फायदा मिलता है। कार्तिक ने अपने इन आविष्कारों से करीब 10 करोड़ रूपये तक का मुनाफा कमा लिया है। कार्तिक के कई ग्राहक उनके बनाए उत्पादों की तारीफ कर चुके हैं। आज कई ग्राहक उनकी बनाई मशीन को काफी उपयोगी भी बता रहे हैं।

इसके अलावा भी कार्तिक कई तरह के अन्य आविष्कार पर भी काम कर रहे हैं। इस वक़्त कार्तिक ने गोबर उठाने की ऑटोमेटिक मशीन बनाने पर कमा कर रहे हैं। इस मशीन से आसानी से बिना हाथ गंदे किए गोबर को उठाया जा सकेगा।

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